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टीबी की बीमारी को अनेक नामों से जाना जाता है। कई लोग टीबी को यकà¥à¤·à¥à¤®à¤¾, कई लोग तपेदिक तो कई कà¥à¤·à¤¯ रोग कहते हैं। यह à¤à¤• जानलेवा बीमारी है। आंकड़े बताते हैं कि हर साल à¤à¤¾à¤°à¤¤ में करीब दो लाख बचà¥à¤šà¥‡ टीबी के शिकार होते हैं। हर साल टीबी रोग के कारण अनेक लोगों की मृतà¥à¤¯à¥ तक हो जाती है। अकà¥à¤¸à¤° देखा जाता है कि जैसी ही रोगी को टीबी होने का पता चलता है, तो वह बहà¥à¤¤ घबराने लगता है, जबकि à¤à¤¸à¤¾ नहीं करना चाहिà¤à¥¤ आप शांत होकर टीबी का सफल घरेलू इलाज (home remedy for TB disease) कर सकते हैं।
टीबी का सफल घरेलू उपचार करने के लिà¤, सबसे पहले आपको जानकारी होना चाहिठकि टीबी कà¥à¤¯à¤¾ है, और इसके लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं। आइठइन सà¤à¥€ बातों के साथ-साथ टीबी के इलाज के बारे में à¤à¥€ जानते हैं।
टीबी (कà¥à¤·à¤¯ रोग) कà¥à¤¯à¤¾ है? (What is TB Disease?)
टीबी का पूरार नाम टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ है। यह कई लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• बीमारी है। यह माइकोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤® टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (Mycobacterium tuberculosis) नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से फैलती है, जो मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से फेफड़ों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¤à¤¾ है। यह à¤à¤• धीमी गति से बढ़ते बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होता ह। यह बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शरीर के उन à¤à¤¾à¤—ों में बढ़ता है जिनमें खून और ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ होता है। इसलिठटी.बी. जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° फेफड़ों में होता है। इस कारण इसे पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ टीबी (Pulmonary T.B.) à¤à¥€ कहते हैं।
टी.बी. शरीर के अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤—ों में à¤à¥€ हो सकता है। टीबी की बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हवा के माधà¥à¤¯à¤® से फैलता है। संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की खाà¤à¤¸à¥€, छींक या उसकी लार के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ तक पहà¥à¤à¤šà¤¤à¤¾ है। इससे दूसरे लोगों को à¤à¥€ टीबी हो जाती है। वयसà¥à¤• लोगों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में टीबी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ कम संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• होते हैं, इसलिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ से दूसरे लोगों में टीबी के जीवाणॠके फैलने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है।
टीबी (कà¥à¤·à¤¯ रोग) के पà¥à¤°à¤•ार (Types of TB Disease)
टीबी रोग के पà¥à¤°à¤•ार हैंः-
लेटेंट टीबी (Latent TB)
इसमें बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शरीर में निकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप में रहता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ इसे सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ नहीं होने देती। इसमें टीबी के लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बीमारी à¤à¤• से दूसरे में नहीं फैलती है, लेकिन à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में यह सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होकर बीमारी बन सकती है।
à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ टीबी (Active TB)
इसमें टीबी की बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शरीर के अनà¥à¤¦à¤° विकसित हो जाता है, तथा रोग के सà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं। यह संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में आसानी से फैल जाता है।
पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ टीबी (Pulmonary TB)
यह टीबी का शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ (पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•) रूप है, जो फेफड़ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤¾ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ टीबी (Extra Pulmonary TB)
यह बीमारी फेफड़ों से अनà¥à¤¯ जगहों पर होता है, जैसे; हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ और लिमà¥à¤«à¤¨à¥‹à¤¡à¥à¤¸ (Lymphnodes) आदि सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर हो सकता है।
टीबी (कà¥à¤·à¤¯ रोग) के लकà¥à¤·à¤£ (TB Disease Symptoms in Hindi)
पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ टीबी (Pulmonary TB) अकà¥à¤¸à¤° बहà¥à¤¤ ही कम उमà¥à¤° वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में या फिर अधिक उमà¥à¤° वाले वृदà¥à¤§ लोगों में होता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤• लोगों में टीबी के ये लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैंः-
खाà¤à¤¸à¥€ का लगातार बने रहना। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में सूखी खाà¤à¤¸à¥€ आना। बाद में खाà¤à¤¸à¥€ के साथ खून à¤à¥€ निकलने लगता है। यह मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ है।
टीबी के कीटाणॠबचà¥à¤šà¥‡ के फेफड़ों से शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों में बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ पहà¥à¤à¤š जाते हैं। इसके कारण बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में हलà¥à¤•ा बà¥à¤–ार हमेशा बना रहता है। रात को सोते समय बचà¥à¤šà¥‡ को पसीना आने लगता है।
टीबी में बचà¥à¤šà¥‡ को खाà¤à¤¸à¥€ और बà¥à¤–ार रहने के कारण बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¸à¥à¤¤ रहने लगता है। थोड़ा चलने और खेलने में à¤à¥€ वह बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ थक जाता है।
टीबी में बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥‚ख नहीं लगती। उसकी खाने में रूचि नहीं रहती। इसलिठबचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन घटता जाता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤µà¤šà¤¾ बहà¥à¤¤ ही नाजà¥à¤• होने के कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾ का इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है।
आमतौर पर टीबी के रोगी में ये लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैंः-
बिना मेहनत किठहà¥à¤ थकान होना
खाà¤à¤¸à¥€ के साथ बलगम में खून आना
बà¥à¤–ार
रात में पसीना आना
साà¤à¤¸ लेने के दौरान छाती में दरà¥à¤¦ होना
साà¤à¤¸ फूलना
à¤à¥‚ख ना लगना à¤à¤µà¤‚ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अरूचि
लगातार वजन घटना
मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ (कà¥à¤·à¤¤à¤¿)
पीठमें अकड़न
पेट में दरà¥à¤¦
दसà¥à¤¤
टी.बी. होने के कारण (TB Disease Causes in Hindi)
टीबी की बीमारी इन कारणों से हो सकती हैः-
यह माइकोबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤® टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (Mycobacterium tuberculosis) नामक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होता है।
टीबी के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ रोगियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हवा में फैल जाते हैं, और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सांस लेने पर शरीर के à¤à¥€à¤¤à¤° चले जाते हैं।
जब टीबी से पीड़ित लोग खाà¤à¤¸à¤¤à¥‡, छींकते, गाते, थूकते या दूसरों के साथ बातें करते हैं, तो वे संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• à¤à¤¯à¤°à¥‹à¤¸à¥‹à¤² बूंदों को बाहर निकालते हैं। à¤à¤• छींक से लगà¤à¤— 40,000 बूंदें निकल सकती हैं। इन बूंदों से रोग फैलने की बहà¥à¤¤ अधिक संà¤à¤µà¤¾à¤¨à¤¾ रहती है।
टी.बी. (कà¥à¤·à¤¯ रोग) के कारण होने वाली दूसरी बीमारियां (Disease Due to TB)
टीबी रोग के कारण ये अनà¥à¤¯ बीमारियां à¤à¥€ हो सकती हैंः-
पीठमें दरà¥à¤¦ और अकड़न।
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को ढक कर रखने वाली à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ में सूजन (Meningitis)। इसे दिमागी बà¥à¤–ार के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है।
लिवर व किडनी संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤à¥¤
कà¤à¥€-कà¤à¥€ कà¥à¤› मामलों में टीबी हृदय के आस-पास के ऊतकों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर देता है। इससे ऊतकों में सूजन होने लगती है, और तरल पदारà¥à¤¥ का जमा होने लगता है। इस कारण हृदय के पंप करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पर असर पड़ने लगता है। यह à¤à¤• घातक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ होती है।
टीबी (कà¥à¤·à¤¯ रोग) के इलाज के लिठघरेलू उपाय (Home Remedies for Tuberculosis Treatment)
हलà¥à¤¦à¥€ और आक से टीबी की बीमारी का इलाज (Turmeric and Aak: Home Remedies to Treat Tuberculosis)
100 गà¥à¤°à¤¾à¤® हलà¥à¤¦à¥€ को कूट-पीस कर छान लें। इसमें आक का दूध मिला लें। यदि खून की उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤ हो रही है, तो इसकी जगह बड़ (वट) या पीपल का दूध मिलाà¤à¤à¤à¥¤ इसे 2-2 रतà¥à¤¤à¥€ की मातà¥à¤°à¤¾ में शहद के साथ सà¥à¤¬à¤¹-शाम लें।
तà¥à¤²à¤¸à¥€ के सेवन से टीबी रोग का इलाज (Tulsi: Home Remedies to Cure Tuberculosis)
तà¥à¤²à¤¸à¥€ के गà¥à¤¯à¤¾à¤°à¤¹ पतà¥à¤¤à¥‡, थोड़ी-सी जीरा à¤à¤µà¤‚ हींग को 1 गिलास पानी में डालें। इसमें à¤à¤• नींबू निचोड़कर दिन में तीन बार पिà¤à¤à¤à¥¤ यह टीबी रोग में लाठपहà¥à¤‚चाता है।
काली मिरà¥à¤š का उपयोग कर टीबी की बीमारी का उपचार (Black Pepper: Home Remedies for Tuberculosis Disease)
काली मिरà¥à¤š के 5 दाने, और तà¥à¤²à¤¸à¥€ की 5 पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पीसकर शहद में मिलाकर चाटें।
दस काली मिरà¥à¤š के दाने लेकर घी के साथ फà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करें। इसमें à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी हींग पाउडर डालकर मिलाकर रख लें। इसको तीन हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में बाà¤à¤Ÿà¤•र दिन में तीन बार लें।
लहसà¥à¤¨ के सेवन से टीबी रोग का उपचार (Garlic: Home Remedies to Treat TB Disease)
लहसà¥à¤¨ की 1-2 कली सà¥à¤¬à¤¹ खाकर, ऊपर से ताजा पानी पिà¤à¤‚। इससे टीबी (यकà¥à¤·à¥à¤®à¤¾) में बहà¥à¤¤ लाठहोता है।
लहसà¥à¤¨, टीबी के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को खतà¥à¤® करने में मदद करता है। इसमें à¤à¤²à¥€à¤¸à¤¿à¤¨ (Allicin) और à¤à¤œà¥‹à¤‡à¤¨ (Ajoene) à¤à¥€ होता है, जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बढ़ने से रोकता है। à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š पिसा हà¥à¤† लहसà¥à¤¨ को à¤à¤• कप दूध में मिला दें। इसमें चार कप पानी डालकर उबालें। जब यह दूध à¤à¤• चौथाई रह जाठतब इसे पी लें।
टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का घरेलू इलाज नागबला से (Nagbala: Home Remedies to Cure TB Disease)
नागबला का चूरà¥à¤£ लें। इससे असमान à¤à¤¾à¤— में घी लें। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ शहद के साथ सेवन करने से टीबी रोग में लाठमिलता है। बेहतर उपाय के लिठकिसी आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• से जरूर परामरà¥à¤¶ लें।
टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का घरेलू उपचार पà¥à¤¯à¤¾à¤œ और हींग से (Onion and Hing: Home Remedies for TB Disease)
आधा कप पà¥à¤¯à¤¾à¤œ के रस में à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी हींग डालें। इसे रोज सà¥à¤¬à¤¹ और शाम खाली पेट पिà¤à¤à¥¤ यह टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ होने पर लाठपहà¥à¤‚चाता है।
टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का घरेलू इलाज सहजन से (Drumstick: Home Remedy for Tuberculosis)
रोज सहजन के पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को उबालकर सेवन करें। आप इसकी सबà¥à¤œà¥€ à¤à¥€ खा सकते हैं। इससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ से जलà¥à¤¦à¥€ राहत मिलती है। बेहतर पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— के लिठआयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ लें।
टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के इलाज में केला और नारियल पानी से लाठ(Banana and Coconut Water: Home Remedies for TB Treatment)
à¤à¤• पका केला लें। à¤à¤• कप नारियल पानी, आधा कप दही और à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद के साथ केला को मिलाà¤à¤à¥¤ इसे दिन में दो बार लें।
टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के उपचार में नारंगी से फायदा (Orange Juice: Home Remedy for Tuberculosis)
à¤à¤• गिलास ताजे नारंगी के जूस में à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी नमक, और à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद मिला लें। इसे दिन में दो बार पिà¤à¤‚। यह टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ होने पर फायदा देता है।
टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के इलाज में आंवला का उपयोग (Amla: Home Remedies for TB Disease)
आंवले की बीज से रस निकाल लें। इसमें à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद मिलाकर सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट पिà¤à¤à¥¤ इसकी जगह आंवले का चूरà¥à¤£ बनाकर à¤à¥€ शहद के साथ ले सकते हैं।
टीबी की बीमारी के इलाज में पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— (Peppermint: Home Remedies to Cure Tuberculosis)
पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ में à¤à¤‚टी-बेकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤² गà¥à¤£ होते हैं, इसलिठयह टीबी के रोग में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होती है। à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ का जूस, दो चमà¥à¤®à¤š शहद, दो चमà¥à¤®à¤š सिरका और आधा कप गाजर का जूस मिलाकर रख लें। इसे दिन में तीन बार पिà¤à¤‚।
टीबी के इलाज में मिशà¥à¤°à¥€ और घी से फायदा (Mishri and Ghee: Home Remedies to Treat TB Disease)
200 गà¥à¤°à¤¾à¤® शहद, 200 गà¥à¤°à¤¾à¤® मिशà¥à¤°à¥€, 100 गà¥à¤°à¤¾à¤® गाय का घी मिलाकर रख लें। इसे 6-6 गà¥à¤°à¤¾à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ में रोगी को दिन में कई बार चटाà¤à¤à¥¤ इसके साथ में बकरी या गाय का दूध पिलाà¤à¤à¥¤
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š मिशà¥à¤°à¥€ और à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š देशी-घी को मिलाकर सोने से पहले गरà¥à¤® दूध के साथ लें।
सीताफल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— टीबी रोग में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯ (Sitafal: Home Remedies to Treat TB Disease)
सीताफल टीबी रोग में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होता है। सीताफल का गूदा निकाल लें। इसे à¤à¤• गिलास पानी में 50 गà¥à¤°à¤¾à¤® किशमिश के साथ उबालें। जब यह à¤à¤• चौथाई की मातà¥à¤°à¤¾ में रह जाà¤, तब इसे छान लें। इसमें 2 छोटे चमà¥à¤®à¤š चीनी और चà¥à¤Ÿà¤•ी à¤à¤° इलायची पाउडर मिलाà¤à¤‚। इसे ठणà¥à¤¡à¤¾ करके दिन में दो बार पिà¤à¤à¥¤
पीपल की बीज और अदरक से टीबी रोग में फायदा (Peepal Seeds and Ginger: Home Remedies to Cure TB Disease)
à¤à¤• गिलास गाय के दूध में 5-6 पीपल बीज और पिसी हà¥à¤ˆ छोटी अदरक डालकर पकाà¤à¤‚। इस दूध को छानकर à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद डालकर (home remedy for TB disease) पिà¤à¤‚। यह दूध टीबी (कà¥à¤·à¤¯) रोग में होने वाले सà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को ठीक करता है।
à¤à¤• गिलास गाय के दूध में 5-6 पीपल की बीज और à¤à¤• छोटी अदरक डालकर हलà¥à¤•ी आà¤à¤š में पकाà¤à¤‚। इसे छानकर à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद डालकर पिà¤à¤‚। यह खाà¤à¤¸à¥€, कफ, बलगम बनना जैसे लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को ठीक करता है।
टी.बी./कà¥à¤·à¤¯ रोग के उपचार के लिठअनà¥à¤¯ घरेलू उपाय (Home Remedies for Tuberculosis Disease)
मà¥à¤²à¥‡à¤ ी का à¤à¤• छोटा टà¥à¤•ड़ा लेकर मà¥à¤à¤¹ में रखकर चूसें।
ताजा लौकी के जूस को सेंधा नमक के साथ पिà¤à¤à¥¤
अखरोट à¤à¤µà¤‚ लहसà¥à¤¨ का गूदा समान मातà¥à¤°à¤¾ में पीसकर गाय के घी में à¤à¥‚नकर (home remedy for TB disease) खाà¤à¤à¥¤
अखरोट का सेवन करें। यह इमà¥à¤¯à¥‚निटी (रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤•) बढ़ाता है और टीबी के रोगी को बल पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
टीबी की बीमारी में आपका खान-पान (Your Diet in Tuberculosis Disease)
टीबी की बीमारी में आपका खान-पान à¤à¤¸à¤¾ होना चाहिà¤à¤ƒ-
à¤à¥‹à¤œà¤¨ में खिचड़ी का सेवन करें।
दूध और पनीर का सेवन करें।
ताजे फल à¤à¤µà¤‚ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन करें।
साबà¥à¤¤ अनाज (home remedy for TB disease) खाà¤à¤à¥¤
गà¥à¤°à¥€à¤¨-टी सेवन का सेवन करें। इसमें अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट (Anti–oxidants) होते हैं, जिससे रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ती है। इसमें मौजूद पोलीफेनॉलà¥à¤¸ (Polyphenols) बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को कम करते हैं।
टीबी रोग में आपकी जीवनशैली (Your Lifestyle in Tuberculosis Disease)
मेहनत काम काम नहीं करें।
आराम करें।
खांसने या छींकते समय किसी à¤à¤¸à¥‡ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर चले जाà¤à¤‚, जहां कोई ना हो।
नियमित तौर पर दवाओठका सेवन करें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह का पालन करें।
टीबी रोग में परहेज (Avoid These in Tuberculosis Disease)
टीबी की बीमारी में रोगी को ये परहेज करना चाहिà¤à¤ƒ-
टीबी में तले हà¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ नहीं खाना चाहिà¤à¥¤ इसके सेवन से टीबी में दसà¥à¤¤, पेट में à¤à¤‚ठन और थकान जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती हैं।
टà¥à¤°à¤¾à¤‚स फैट (Trans fat) से यà¥à¤•à¥à¤¤ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤ यह à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की खराब वसा है, जो कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के सà¥à¤¤à¤° और शरीर में सूजन को बढ़ाते (home remedy for TB disease) हैं।
चाय और कॉफी का सेवन ना करें। इससे नींद ना आने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। टीबी के रोगी को गà¥à¤°à¥€à¤¨-टी पीनी चाहिà¤à¥¤
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ और शराब का बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ सेवन नहीं करना चाहिà¤à¥¤
मà¥à¤–à¥à¤¯ तौर पर टीबी रोग के फैलने के कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ कारण होते हैं?
टीबी की बीमारी के फैलने के ये कारण होते हैंः-
छींकना
खाà¤à¤¸à¤¨à¤¾
बोलना
गाना
कà¥à¤¯à¤¾ टीबी की बीमारी के कारण बचà¥à¤šà¥‡ या वयसà¥à¤• लोगों की जान à¤à¥€ जा सकती है?
टीबी का दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बड़ों की अपेकà¥à¤·à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक होता है। इस बीमारी में बचà¥à¤šà¥‡ को साà¤à¤¸ लेने में परेशानी होने लगती है। बचà¥à¤šà¥‡ वयसà¥à¤•ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में बहà¥à¤¤ नाजà¥à¤• होते हैं, इसलिठटीबी का असर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ पर अधिक होता है। कà¥à¤·à¤¯ रोग होने पर यदि ठीक पà¥à¤°à¤•ार इलाज ना किया जाठतो बचà¥à¤šà¥‡ की मौत à¤à¥€ हो सकती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ या वयसà¥à¤•ों को टीबी होने पर डॉकटर से कब समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना चाहिà¤?
यदि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ या वयसà¥à¤•ों में दो हफà¥à¤¤à¥‡ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खाà¤à¤¸à¥€, कफ, बलगम बनने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो, और घरेलू उपचार करने से à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ ठीक ना हो रहे हों तो तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤
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